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पढ़ो परदेश योजना

आधिकांश बच्चो को शिक्षा के लिए विदेश जाने की चाह होती है जिसमे आगे बढ़ने की कुछ कर देखने की उम्मीद होती है। हमारे देश मे ऐसे कई विध्याथी है जो बहुत से सपने लेकर पढ़ने की उम्मीद लेके बेठे है जिसमे से 10 मे से 1 बच्चा ही आगे जा पता है इसका कारण है की घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होना।इसलिए भारत सरकार ने विध्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आगे पढ़ने मे उनकी मदद की जा सके इसके लिए उन्हे कम ब्याज मे ऋण मे सब्सिडी देने का फैसला किया  है।

अक्सर शिक्षा ऋण का ब्याज अधिक होने की वजह से गरीब, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय पढ़ाई करने के लिए आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाता है. केंद्र सरकार ने गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई करके अपने सपने साकार करने के लिए पढ़ो परदेश योजना की शुरुआत की है. योजना के अंतर्गत सरकार ने पढने वाले बच्चों को उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए ऋण पर सब्सिडी देने का ऐलान किया हैं. सरकार इस योजना की सहायता से कई जरूरतमंद लोगों की आवश्यताओं की पूर्ती करेगी. इस योजना से सम्बंधित विशेष बातों का वर्णन यहां पर किया जा रहा है.

इस योजना का लॉन्च 2013- 2014 आर्थिक वर्ष के दौरान मुख्तार अब्बास नकवी द्वारा किया गया. ये तात्कालिक समय में केंद्र मंत्रालय के कैबिनेट में मंत्री पद पर आसीन थे. यह योजना सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनर अफेयर्स की तरफ से चलाया जाएगी.

गरीब विद्यार्थियों के लिए चलायी गई इस योजना की मुख्य विशेषताओं का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की शिक्षा का विकास: इस योजना का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से मदद देना है. इसके अंतर्गत इन्हें पढ़ाई करने केलिए ऋण दिया जाएगा, जिस पर इन्हें सब्सिडी भी प्राप्त होगी.
  • ब्याज पर 100% सब्सिडी: तत्कालिक समय में बैंक के द्वारा दिए जाने वाले एजुकेशन लोन पर बहुत अधिक ब्याज दर होती हैं, जिस वजह से कई लोग ऋण नहीं लेते हैं. इस योजना के अंतर्गत सरकार विद्याथियों को ऋण की दर पर 100% तक की सब्सिडी देगी.
  • कोर्स समयावधि का प्रावरण: योजना के अनुसार लाभार्थी को उसके द्वारा किये जा रहे कोर्स के पूरे होने तक ऋण पर छूट प्राप्त होगी. इस तरह से विद्यार्थी अपना सम्पूर्ण ध्यान पढ़ाई पर केन्द्रित कर पाएंगे.
  • आंशिक कोर्स के लिए लागू: कई ऐसे कोर्स होते हैं, जो शैक्षणिक संस्थानों में आर्थिक रूप से पढ़ाये जाते हैं. अर्थात कोर्स का कुछ हिस्सा भारत में पढ़ाया जाता है और बांकी हिस्सा विदेश में. ऐसे कोर्स की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को जब तक विदेश के विश्वविद्यालय से डिग्री नहीं मिल जाती है, उसे ब्याज पर सब्सिडी प्राप्त होगी.
  • लाभार्थियों की संख्या: तात्कालिक समय तक लगभग 1,500 छात्र छात्राओं ने इसका लाभ उठाया है. आगे भविष्य में अधिक से अधिक विद्यार्थी इस योजना का लाभ आसानी से उठा पाने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे .

योजना के लिए योग्यता (Eligibility Criteria):

सरकार ने इस योजना के लिए कुछ विशेष योग्यता तय की है, जिसका बारे में नीचे बताया जा रहा है.

  • इस योजना के आवेदक का अल्पसंख्यक श्रेणी का होना आवश्यक है. इस योजना के अंतर्गत इसाई, मुस्लिम, सिक्ख, जैन, बुद्धिस्ट और पारसी आदि जाति या धर्म के लोग लाभ उठा सकते हैं.
  • आवेदक को ये सब्सिडी युक्त ऋण तभी प्राप्त हो सकेगा, जब वे किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से शिक्षा प्राप्त कर रहे हों. यदि आवेदक विदेश से शिक्षा प्राप्त कर रहा हो, तो संस्थान का मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है.
  • आवेदक को किसी एक उच्च शिक्षा का विद्यार्थी ही होना चाहिए. उदाहरण के तौर पर आवेदक का एमफिल, पीएचडी, एमबीए आदि का विद्यार्थी होना अनिवार्य है, तभी आपको लाभ मिलेगा.
  • सरकार ने इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वालों के लिए सालाना आय की सीमा तय की है, जिससे बाहर की आय वाले विद्यार्थियों को लाभ प्राप्त नहीं हो सकेगा. सरकार ने इस योजना के अंतर्गत उन लोगों को लाभ पहुंचाने की योजना बनायी है, जिनकी पारिवारिक आय 6 लाख या उससे कम है.
  • इस योजना के अंतर्गत केवल वैसे विद्यार्थी लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिनका एजुकेशन लोन 20 लाख से कम का हो. अतः यह इस योजना की एक बड़ी सीमा है. जिससे आवेदक छात्र विश्व के किसी भी कोने में शिक्षा प्राप्त कर सकेगा.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार उन्हीं लोगों को योजना का लाभ देगी, जो औपचारिक तौर पर भारतीय नागरिक हो. अतः योजना के लाभार्थी का भारतीय नागरिक होना भी अनिवार्य है.

योजना के अंतर्गत ऋण के नियम (rules to get education loan)

  • लोन की राशि: इस योजना के अंतर्गत कोई भी माइनॉरिटी केटेगरी का विद्यार्थी अधिकतम 20 लाख रूपए तक का ऋण किसी भी भारतीय बैंक से प्राप्त कर सकता है, ताकि अपनी पढ़ाई का आवश्यक खर्च पूरा कर सके.
  • ब्याज दर: इस योजना के अंतर्गत ली गयी राशि पर विद्यार्थियों को कोर्स पूरे होने तक की समयावधि के दौरान किसी तरह का ब्याज नहीं देना होगा. इसके अलावा विद्यार्थियों को अतिरिक्त 1 वर्ष 6 महीने का समयप्राप्त होगा, जिस दौरान उन्हें एक नौकरी ढूढ़ने की आवश्यकता होगी. एक बार यह समयावधि समाप्त हो जाने के बाद आवेदक को पूरा ब्याज और ऋण की मूल राशि चुकाने की आवश्यकता होगी.
  • राशि का भुगतान: आवेदक को अपने कोर्स पूरे हो जाने के बाद राशि भुगतान करने की आवश्यकता होती है. हालांकि इस राशि को ऋण लेने वाला छात्र आसान किस्तों में भी जमा कर सकता है.
  • भुगतान का तरीका: इस योजना के तहत प्राप्त राशि आवेदक को उनके बैंक अकाउंट में प्राप्त हो सकेगी. विद्यार्थी इसके लिए नेट बैंकिंग अथवा चेक के प्रयोग से ऋण की राशि प्राप्त कर कर सकेंगे. ऋण और ऋण के ब्याज के भुगतान की प्रक्रिया भी यही होगी.
  • ऋण का समय: इस योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थी के द्वारा नौकरी प्राप्त करने के बाद डेढ़ वर्ष का समय देगी , जिसके अंतर्गत वह अपने ऋण चुका सकता है.

  सब्सिडी के नियम: (Subsidy on education loan)

इस योजना के अंतर्गत सरकार उन आवेदक को 100% पर ऋण देगी, जो पूरी तरह से योजना के लिए योग्य है. यह सब्सिडी अध्ययन की पूरी अवधि में लागू रहेगी.

योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज: (Documents required for Padho pardesh scheme)

आवेदक के पास ऋण आवेदन का होना अनिवार्य है. यह आवेदन आवेदकों को विभिन्न सरकार अधीन बैंकों से प्राप्त हो सकता है. यह आवेदन अच्छी तरह से भरा होना आवश्यक है.

  • आवेदक के पास आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. सरकार इसका प्रयोग आवेदक के नाम, पता, आयु आदि की जानकारी प्राप्त करेगा. आवेदक को अपने आवेदन के साथ बैंक अकाउंट डिटेल देना आवश्यक है. अतः आवेदक का किसी भी बैंक में एक बैंक अकाउंट होना अनिवार्य है
  • आवेदक के पास उसके द्वारा लिए गये कोर्स तथा यूनिवर्सिटी में प्रवेश पत्र का होना भी अनिवार्य है. अतः आवेदक के पास उसकी यूनिवर्सिटी से प्राप्त दस्तावेज होने आवश्यक हैं.
  • आवेदक के पास उसके परिवार का आय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. सरकार द्वारा तय की गयी आय के माप दंड को समझने के लिए इस प्रमाण पत्र की आवश्यकता पड़ेगी.
  • आवेदक के पास अल्पसंख्यक होने का प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है. इस प्रमाण पत्र का सरकार के डेवेलपमेंट ऑफ़ माइनॉरिटी कम्युनिटी से  मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है.

योजना के अंतर्गत बैंक (list of banks in padho pardesh scheme)

इस योजना के अंतर्गत सरकार ने उन सभी बैंकों को शामिल किया है जो बैंक सरकार के अधीन हैं. इसके अलावा को-ऑपरेटिव बैंक, प्राइवेट बैंक, पब्लिक सेक्टर के विभिन्न बैंक, आदि जो इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के अंतर्गत आते हैं वे इस योजना के लिये कार्यरत हैं.

योजना के लिए आवेदन कैसे दें (How to apply for padho pardesh scheme in Hindi)

  • आवेदन प्राप्त करने के लिये आवेदक को अपने एडमिशन सम्बंधित सभी दस्तावेज किसी भी IBA बैंकिंग कानून समिति द्वारा मान्यता प्राप्त बैंक में जा कर आवेदन प्राप्त करना होता है.
  • बैंक से आवेदक को एजुकेशन क्रेडिट डॉक्यूमेंट दिया जायेगा. इसे बेहद सावधानी से सही जानकारी के साथ भरना अनिवार्य है. एक बार लोन के डॉक्यूमेंट पूरी तरह से भर जाने के बाद आवेदक को इसके साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने की आवश्यकता होती है.
  • एक बार बैंक की तरफ से सारे कार्य हो जाने किए बाद आवेदक का आवेदन ‘मिनिस्ट्री ऑफ़ वेलफेयर’ में ले जाया जाएगा. उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जायेगा की आवेदक इस योजना के योग्य है भी या नहीं.

योजना का बजट: (budget of padho pardesh scheme)

इस योजना को आरम्भ करने के लिए सरकार ने कुल 7.5 करोड रूपए का बजट तय किया था. हालांकि कालांतर में आवेदकों की संख्या बढ़ने पर सरकार द्वारा बजट बनाये जायेंगे, ताकि अधिक संख्या में विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकें. इस तरह से भारत सरकार की यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, जो पढ़ाई करके अपना जीवन सँवारना चाहते हैं.

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