अजरबैजान के समर्थन में सामने आया तुर्की, आर्मीनिया पहुंचा रूस के पास

नागोरनो-कराबाख (Nagorno-Karabakh conflict) के अलगाववादी क्षेत्र को लेकर अजरबैजान और आर्मीनिया के बीच युद्ध जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते हफ्ते युद्ध विराम की घोषणा की थी लेकिन ये 2 दिन भी नहीं टिक पाया और दोनों देशों की तरफ से बमबारी अभी भी जारी है. तुर्की ने जहां खुलकर अजरबैजान का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है वहीं रूस आर्मीनिया को पूरी मदद दे रहा है.

उन्होंने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया कि आर्मीनिया-अज़रबैजान के बीच जारी टकराव में तुर्की अपने सहयोगी अज़रबैजान के साथ मज़बूती से खड़ा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि तुर्की बाकू में अपने अज़ेरी भाईयों के साथ खड़ा है. आर्मीनिया के रूस से संभावित सुरक्षा सहायता पर विचार-विमर्श के एक दिन बाद तुर्की के विदेश मंत्री अज़रबैजान पहुँचे हैं. इससे पहले अर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पत्र लिख कर नागोर्नो-काराबाख़ की लड़ाई में मदद मांगी थी.

Armenia-Azerbaijan War

इसके जवाब में शनिवार को, रूस ने कहा कि अगर लड़ाई आर्मीनिया तक पहुँच जाती है, तो रूस एक रक्षा समझौते के तहत आर्मीनिया को हर आवश्यक मदद देने के लिए तैयार रहेगा. अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने आर्मीनियाई प्रधानमंत्री के पत्र को हार स्वीकार करना कहा है. इल्हाम अलीयेव ने कहा कि देखा जाए तो आर्मीनिया ने हार मान ली है लेकिन वो सरेंडर नहीं करना चाहता. उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से अज़रबैजान इस मामले को सुलझाना चाहता है लेकिन आर्मीनिया को शांति से कोई सरोकार नहीं है. वो काराबाख़ के इलाक़े पर हमेशा अपना कब्ज़ा चाहते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here